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Short Essay On My Mother In Hindi

‘माँ’ किसी बालक बालिका का संसार से प्रथम परिचय है। भगवान संसार में स्वयं नहीं आ सकते थे इसलिये उन्होंने माँ को भेजा। सम्पूर्ण संसार जिसमें सिमट जाता है, वो है माँ का आँचल। उम्र के साथ आँचल की पकड़ कमजोर जरूर हो जाती है, पर उसकी छाया में मृत्युपर्यन्त जीवन बिताने की अभिलाषा हर मानव की होती है।

मेरी माँ एक अध्यापिका हैं। वह सरकारी विद्यालय में हिन्दी पढ़ाती हैं। हम सबके उठने से बहुत पहले प्रातः काल उठकर माँ घर का काम करना प्रारम्भ करती हैं। हम सबकी पसंद का नाश्ता बनाना, दोपहर के भोजन की तैयारी और घर का रखरखाव सब कुछ अकेले करती हैं। हम सब थोड़ी बहुत मदद करते हैं। मगर घर की पूरी व्यवस्था उन पर निर्भर है। घर के चौका बर्तन इत्यादि में महरी उनका हाथ बटाँती हैं।

माँ किसी प्रकार सभी की रूचि और जरूरत के अनुसार सभी काम कर पाती है, यह सोचकर आश्चर्य होता है। हमारे स्कूल से मिले गृहकार्य को पूर्ण करने में भी वह हमारी मदद करती हैं। माँ हमें दुनिया भर की अच्छी अच्छी और ज्ञानवर्द्धक बातें सरल से सरल तरीके से एक पल में समझा देती हैं। उन्हें हमारी समझ का सही अंदाजा रहता है।

घर में जब कोई बीमार पड़ जाता है तो माँ उसकी सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ती। मेरी माँ एक अध्यापिका होने के कारण हर क्षेत्र में सदैव हमारा सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शन करती हैं। मैं और मेरी छोटी बहन हर समय माँ के सामीप्य की प्रतीक्षा करते हैं। हमें माँ का साथ बेहद पसंद है। माँ डाँट भी दे तो भी उनके लिये मन में गुस्सा नहीं आता, क्योंकि माँ के गुस्से में भी प्यार छिपा रहता है। माँ की उंगली पकड़कर ही हमने चलना सीखा और उसके ज्ञानवर्धक किस्सों में ही विश्व दर्शन होता है।

मेरी माँ पर निबंध - essay on mother in hindi

मेरी माताजी बहुत अच्छी हैं। हर कोई परिवार में उनकी प्रशंसा करता है। मेरे विचार से वे इसकी हकदार हैं। परन्तु वे कभी घमंड नहीं करती हैं। उनके अंदर कई गुण हैं। वह सुशिक्षित व बुद्धिमान हैं। वह मेहनती, दयालु, देखभाल व प्यार करने वाली हैं। हमारे प्रति उनके प्यार की कोई सीमा नहीं है।  

वह एक गृहिणी है और हमेशा व्यस्त रहती हैं। वो हम सबसे पहले उठती है व हम सब के बाद सोती हैं। वह हमारे लिए खाना बनाती हैं, हमारे कपडे धोती हैं व हमारी सभी आवश्यकताओं व आराम का ध्यान रखती हैं।  काम करती हैं फिर भी कभी थकी हुई और नीरस नहीं लगती हैं। उन्हें हमारी सेवा करना अच्छा लगता है। कभी-कभी मुझे उनके लिए दुःख होता है व मैं अपने तरीके से उनकी सहायता करता हूँ। 

उनका प्यार व देखभाल मेरे लिए प्रेरणा का काम करती है। वो मुझे मेरे अच्छे स्वास्थ्य व प्रसन्न मस्तिष्क के लिए सहायता करती हैं। इसलिए मैं पढ़ाई में इतना अच्छा हूँ। अगर मैं बीमार हो जाता हूँ तो वो मेरे ठीक हो जाने का हर संभव प्रयास करती हैं। वो पिताजी के लिए बहुत सारे व्यंजन बनाती हैं। वह मेरे व मेरी बहन के स्वाद के अनुसार व्यंजन बनाती हैं। हम सभी उनकी सेवा व त्याग को भूल नहीं सकते। वह वाकई में महान, प्यारी व दयालु हैं। कोई भी इतना अच्छा नहीं हो सकता जितना की माँ - सही कहा गया हैं की भगवान् सब जगह नहीं हो सकते इसीलिए उसने माँ को बनाया है। छोटे बच्चों के लिए माँ भगवान् की तरह होती है। 

कोई भी माँ की दयालुता का क़र्ज़ नहीं चुका सकता। माँ पहली शिक्षिका व गुरु होती है। इंसान के हर अच्छे कार्य के पीछे माँ का हाथ होता है। सत्य है बुद्ध, गांधी, लिंकन, शिवाजी व प्रताप नहीं होते अगर उनकी महान, दयालु व अच्छे संस्कार देने वाली माँ नहीं होती। 

अगर मेरी माँ बीमार पड़ जाती है तो पूरा घर अस्त-व्यस्त हो जाता है। हम सभी बीमारों की तरह हो जाते हैं। हम सबके लिए मुश्किल हो जाती है। मेरी माँ वाकई सर्वगुण संपन्न है। हम उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए इश्वर से प्रार्थना करते हैं। 


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